इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना:मातृ और शिशु कल्याण

भारत एक विकासशील देश है जहां महिलाओं की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाएं गृहिणियों, माताएं, बहनें और बेटियों के रूप में परिवार और समाज की देखभाल करती हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। हालांकि, गर्भवती महिलाओं को उचित स्वास्थ्य सेवाओं और समर्थन की आवश्यकता होती है ताकि वे स्वस्थ और सुरक्षित रूप से मातृत्व की अवधि में निर्धारित स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त कर सकें। इस समस्या को समझते हुए, भारत सरकार ने इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना (आईजीएमएमवाई) की शुरुआत की है, जो गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक समर्थन प्रदान करती है। इस लेख में हम आपको इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के बारे में विस्तार से बताएंगे।

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना क्या है ?

भारतीय राजनीति और समाज में महिलाओं के लिए गर्भावस्था और मातृत्व की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। गर्भावस्था और मातृत्व के दौरान महिलाओं को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे कि आर्थिक समस्याएं, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, और सामाजिक समर्थन की कमी। इसके साथ ही, गर्भावस्था और मातृत्व की सुरक्षा महिलाओं के अधिकार का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो उनकी स्वतंत्रता, आत्म-सम्मान, और समानता को सुनिश्चित करता है। इस संदर्भ में, भारत सरकार ने इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना (आईजीएमएमवाई) की शुरुआत की, जो महिलाओं को गर्भावस्था और मातृत्व की सुरक्षा में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का उद्देश्य क्या है ?

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को उचित स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक समर्थन प्रदान करके उनकी स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। यह योजना गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करने, उनके आहार और पोषण की देखभाल करने, लेबर और डिलीवरी की जरूरत पर आधारित आर्थिक सहायता प्रदान करने के माध्यम से मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य को सुनिश्चित करती है|

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना की शुरुआत क्यों की गयी थी ?

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना की शुरुआत 1985 में भारतीय सरकार द्वारा की गई थी। इस योजना की शुरुआत उस समय की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के कारण की गई थी जब गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक समर्थन की आवश्यकता थी। इस योजना को भारतीय सरकार द्वारा मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य की सुविधा बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था, विशेष रूप से गरीब और मार्गनिर्देशित महिलाओं के लिए।

जब गर्भवती महिलाएं और नवजात शिशुओं को खुशहाल और स्वस्थ बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से गुजर रही थीं। गर्भवती महिलाओं को उचित चिकित्सा सेवाओं और आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी ताकि उनकी स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, जिससे गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की मृत्यु दर को कम किया जा सके।

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के लाभ क्या है ?

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना (आईजीएमएमवाई) के कई लाभ हैं। यह योजना गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद करती है। नीचे दिए गए हैं इंदिरा गांधी मातृत्व सहायता योजना के कुछ प्रमुख लाभ:

  1. गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सेवाओं की सुविधा: इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के तहत, गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके माध्यम से गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था की दौरान आवश्यक चिकित्सा जांच, दवाओं की व्यवस्था, लैब टेस्ट और अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकती हैं।
  2. आर्थिक सहायता: यह योजना गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपनी स्वास्थ्य और शिशु की देखभाल की व्यवस्था कर सकें। यह आर्थिक सहायता महिलाओं को गर्भवती होने की तारीख से प्रसूति की तारीख तक प्रदान की जाती है, जिससे वे उचित प्रसूति और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था कर सकें।
  3. गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य देखभाल: इंदिरा गांधी मातृत्व सहायता योजना गर्भवती महिलाओं को निशुल्क चिकित्सा सेवाओं की पहुंच प्रदान करती है, जिसमें गर्भावस्था की दौरान नियमित चेकअप, वैक्सीनेशन, लैब टेस्ट, और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति शामिल होती है। यह महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करता है और गर्भवती महिलाओं की आर्थिक बोझ को कम करता है।

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के लिए आवेदन कैसे करें ?

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के लिए आवेदन करने के लिए निम्नलिखित कदम फॉलो किए जा सकते हैं:

  1. नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनवाड़ी केंद्र पर जाएं: आपके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर आप योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपको वहां योजना से संबंधित आवश्यक फॉर्म और दस्तावेज़ सुपूर्द करने की सलाह दी जाएगी।
  2. आवेदन फॉर्म भरें: आपको योजना के लिए आवेदन फॉर्म भरना होगा, जिसमें आपकी पर्सनल और आर्थिक जानकारी आदि की जानकारी भरनी होगी। आपको ध्यान से फॉर्म भरना चाहिए और सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज़ सुपूर्द करना चाहिए।
  3. आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें: आपको आवेदन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेज़ जमा करना होगा, जैसे कि आपकी पहचान प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, गर्भवती महिला का मेडिकल सर्टिफिकेट आदि।

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के लिए मुख्य पात्रता मानदंड

  1. इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के लिए मुख्य पात्रता मानदंड निम्नलिखित हैं:
  2. गर्भवती महिला: इस योजना का लाभ गर्भवती महिलाओं को मिलता है जो गर्भधारण की स्थिति में हों और उनकी आय न्यूनतम सीमा से कम हो।
  3. आय प्रमाण पत्र: आवेदक को एक आय प्रमाण पत्र दिखाना होगा जो योजना की निर्धारित आय सीमा के अनुरूप हो। आय प्रमाण पत्र सरकारी या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया हो सकता है।
  4. गर्भवती महिला का मेडिकल सर्टिफिकेट: आवेदक को गर्भवती महिला के मेडिकल सर्टिफिकेट की प्रस्तुति करनी होगी जो एक पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी किया गया हो। इसमें गर्भधारण की अवधि, गर्भावस्था की प्रकृति, गर्भवती महिला की स्वास्थ्य स्थिति और गर्भधारण की आपातता की जानकारी हो सकती है।
  5. आवेदन फॉर्म: आवेदक को योजना के लिए आवेदन फॉर्म भरना होगा जिसमें उनकी पर्सनल और आर्थिक जानकारी और गर्भवती महिला की जानकारी भरनी हो|

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के मुख्य बिंदु

  1. गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता: यह योजना गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है जो गर्भधारण की स्थिति में होती हैं और उनकी आय न्यूनतम सीमा से कम होती है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी की दौरान आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जो विभिन्न परिचर्या खर्चों को कवर करती है, जैसे कि आहार, दवाएँ, परीक्षण और विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए।
  2. गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क डिलीवरी सुनिश्चित करना: योजना गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क डिलीवरी की सुविधा प्रदान करती है, जो गर्भवती महिला और उसके शिशु की स्वस्थ जन्म देने में मदद करता है। यह सुनिश्चित करता है कि गर्भवती महिला को सुरक्षित और शुद्ध दलों में प्रसव की सुविधा मिलती है, जो मां और शिशु के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करता है।
  3. स्वास्थ्य जागरूकता: यह योजना स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों की व्यवस्था करती है और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के लाभों के बारे में शिक्षित करती है।
  4. गर्भवती महिला की स्वास्थ्य सुनिश्चित करना: यह योजना गर्भवती महिओं की स्वास्थ्य की देखभाल करती है और उनकी आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था करती है। इसका उद्देश्य है गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुनिश्चित करना और मातृ और शिशु मृत्यु को कम करने में मदद करना।
  5. आर्थिक सहायता: यह योजना आर्थिक सहायता प्रदान करती है गर्भवती महिलाओं को उनकी आय की न्यूनतम सीमा से कम होने पर। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को वित्तीय समर्थन प्राप्त करने में मदद मिलती है ताकि वे अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की लागत को संभाल सकें।

निष्कर्ष

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना ने गर्भवती महिलाओं की सेवाओं, स्वास्थ्य जागरूकता, आर्थिक सहायता और मातृ शिशु स्वास्थ्य की देखभाल को प्रोत्साहित किया है। यह योजना मातृ और शिशु मृत्यु को कम करने, गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुनिश्चित करने, और आर्थिक समर्थन प्रदान करके गर्भवती महिलाओं की मदद करती है।

Frequently Ask Question (Faq’s)

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना की शुरुआत क्यों की गयी थी ?

ताकि उनकी स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, जिससे गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की मृत्यु दर को कम किया जा सके|

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना की शुरुआत किसने की थी ?

इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना की शुरुआत भारतीय सरकार द्वारा की गई थी। यह योजना भारतीय राजनीतिक नेता इंदिरा गांधी द्वारा 1985 में प्रस्तुत की गई थी

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