बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना :बालिका शिक्षा का समर्थन और सशक्तिकरण

Girl Child Education

भारतीय समाज में बालिका शिक्षा की महत्वपूर्णता को समझाने और बेटियों की सुरक्षा और समानता की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया था और 2015 में प्रारंभिक रूप से शुरू हुआ था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, उनके विकास को समर्थन करना और उनकी समाज में समान भूमिका को बढ़ावा देना।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना क्या है?

“बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” एक सरकारी अभियान है जो भारतीय समाज में बालिका शिक्षा की समर्थन करता है और बेटियों की सुरक्षा और समानता को प्रोत्साहित करता है। यह अभियान भारत सरकार द्वारा 2015 में प्रारंभिक रूप से शुरू किया गया था और मुख्य रूप से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, बेटियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने, उनके स्वास्थ्य और शौर्य की देखभाल करने, और उनके सामाजिक और आर्थिक समानता को बढ़ावा देने का उद्देश्य है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 22 जनवरी, 2015 में शुरू की गई योजना है। जिसके अंतर्गत अभिभावक को बेटी के जन्म से लेकर 10 साल की आयु तक की बेटी का खाता बैंक या पोस्ट ऑफिस में खुलवाना होगा। बेटी का खाता खुलवाने से लेकर 14 साल की आयु तक खाते में निर्धारित धनराशि जमा करनी होगी यह धनराशि 1000 रूपये प्रतिमाह के आधार पर या 12000 रूपये सालाना जमा करवाई जा सकती है। इसके बाद बेटी की उम्र 18 वर्ष पूरी होने पर योजना में खाते से 50% राशि निकाली जा सकती है और जब बेटी की आयु 21 वर्ष पूरी हो जाएगी तब वह खाते से पूरे एक साथ पैसे की एकमुश्त निकासी अपनी उच्च शिक्षा को पूरी करने या विवाह के लिए कर सकेगी।

बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना: यह योजना बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का मुख्य उद्देश्य है। इसके माध्यम से बेटियों को स्कूल में प्रवेश, उनके शैक्षिक विकास, और उच्च शिक्षा तक पहुंच में सहायता प्रदान की जाती है।

बेटियों की समान अधिकार और सम्मान की रक्षा करना: इस योजना के तहत बेटियों के समान अधिकारों और सम्मान की रक्षा की जाती है। इसके माध्यम से लोगों को बेटियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उनकी सुरक्षा के लिए नीतियों को समझाने, और उनकी समाज में स्थानीयता और सम्मान को सुनिश्चित करने में सहायता प्रदान की जाती है।

बेटियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण: यह योजना बेटियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करती है। इसके माध्यम से, बेटियों को समान अवसरों की पहुंच प्रदान की जाती है और उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार किया जाता है। इसके साथ ही, बेटियों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए कौशल विकास और व्यावसायिक योग्यता प्रशिक्षण का प्रदान किया जाता है।

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के लाभ

बालिका लिंग अनुपात को सुधारना: “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना का प्राथमिक उद्देश्य बालिका लिंग अनुपात को सुधारना है, जो आपूर्ति में 1,000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या होती है। बालिका लिंग गर्भपात, बालिका हत्या, और अन्य रूपों की लिंग प्रताड़ना को रोकने, और समानता को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता बढ़ाकर, यह समाज में लिंग संतुलन को सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।

बालिकाओं की शिक्षा को समर्थन: योजना बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करती है और उन्हें गुणवत्ता वाली शिक्षा के पहुंच को सुनिश्चित करने में मदद करेगी। यह बालिकाओं को सशक्त बनाने में मदद करेगी और उनके भविष्य की स्वयंदेशी और स्वावलंबन योग्यता को बढ़ावा देगी।

शिक्षा के माध्यम से बालिकाओं की सशक्तिकरण: योजना बालिकाओं की शिक्षा के महत्व पर जोर देती है और सुनिश्चित करने का लक्ष्य है कि सभी बालिकाएँ गुणवत्ता वाली शिक्षा के पहुंच को हो।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ- आवश्यक दस्तावेज

यहां बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी गई है:

जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल या किसी मान्यता प्राप्त सरकारी निकाय द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र

माता-पिता की पहचान का प्रमाण- आधार कार्ड, राशन कार्ड, आदि

पते का प्रमाण- पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पानी, टेलीफोन, बिजली आदि जैसे उपयोगिता बिल

-पासपोर्ट साइज फोटो

योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ लाभ के तहत नामांकित करने के लिए दिए गए तरीकों का पालन करें:
  • जहां भी स्कीम उपलब्ध हो, वहां बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ / SSA के लिए आवेदन पत्र प्राप्त करें और भरें

फॉर्म को मैन्युअल रूप से भरना है और सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना है

दस्तावेजों को उसी बैंक / पोस्ट ऑफिस में जमा करें जहाँ बालिका के नाम से अकाउंट खोला जाना चाहिए

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत शुरू की गई विभिन्न योजनाएं

सुनहरी लड़की योजना या लाडली योजना : योजना भारतीय सरकार द्वारा चलाई गई एक समाज कल्याण योजना है जो बेटी की जन्म दर को कम करने, उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उनकी समाज में बराबरियां बढ़ाने के लिए उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। यह योजना पहली बार 2005 में मध्य प्रदेश द्वारा शुरू की गई थी और बाद में अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया गया। यह योजना स्त्री शक्ति और बालिका संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है

“Beti Bachao, Beti Padhao” (बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ) योजना के तहत सरकार ने विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई हैं। हालांकि, यह योजनाएं विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग तरीकों से चलाई गई हैं और इनकी संख्या निरंतर बदलती रहती है। निम्नलिखित कुछ प्रमुख “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजनाएं है

  1. लाड़ली लक्ष्मी  योजना: इस योजना के तहत सरकार ने गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए एक वित्तीय सहायता योजना चलाई है। इसमें गर्भवती महिलाओं को निशुल्क जांच और विशेष व्यायाम की सलाह देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
  1. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ बैंक योजना: इस योजना के तहत बैंकों ने बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष बचत खाते चलाए हैं, जिनमें बचत करने वाली परिवारों को आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।
  1. सुकन्या समृद्धि योजना :सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के लाभ के लिए शुरू की गई सरकार द्वारा समर्थित एक बचत योजना है। यह “बेटी बचाओ, बेटी पढाओ” योजना का एक हिस्सा है और 10 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के माता-पिता इस योजना के तहत बालिकाओं का अकाउंट खोल सकते हैं। यह अकाउंट बैंकों और पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है और अकाउंट को 21 वर्ष तक या 18 वर्ष की आयु के बाद उसकी शादी होने तक चलाया जा सकता है।
  • कन्याश्री प्रकल्प योजना

कन्याश्री प्रकल्प योजना एक राज्य सरकार द्वारा चलाई गई एक समाज कल्याण योजना है जो लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। यह योजना भारत के विभिन्न राज्यों में चलाई गई है और लड़कियों की समस्याओं को समाधान करने के लिए उच्च शैक्षिक संगठन राष्ट्रीय कन्या शिक्षा परिषद् के तहत नियोजित की गई है।

धनलक्ष्मी योजना

धनलक्ष्मी योजना एक सरकारी योजना है जो भारतीय महिलाओं को वित्तीय सशक्तिकरण के माध्यम से समृद्धि और स्वावलंबना प्रदान करने का उद्देश्य रखती है। यह योजना भारतीय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न वित्तीय सेवाओं और सुविधाओं की प्रदान करती है ताकि वे स्वयं के लिए एक आत्मनिर्भर भविष्य बना सकें। धनलक्ष्मी योजना महिलाओं को वित्तीय सहायता, वित्तीय प्रशिक्षण, ऋण प्रदान करती है जो उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करता है।

निष्कर्ष

“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना भारतीय समाज में लड़कियों की स्थिति को सुधारने का एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से बालिकाओं की जीवन सुन्दर और सकारात्मक बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं को जोड़ा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों के जन्म और शिक्षा को प्रोत्साहित करना है ताकि वे समान अधिकार, अवसर और आपूर्ति का उपयोग कर सकें। इस योजना ने समाज में बेटियों के महत्व को पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और लोगों की जागरूकता बढ़ाने में मदद की है। इस योजना के माध्यम से बेटियों के भविष्य की सुरक्षा और उनकी शिक्षा को प्राथमिकता मिली है, जो समाज की विकास में सकारात्मक परिणाम दिखा रहा है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत कब हुई ?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी 2015 को की गयी थी।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के संस्थापक कौन थे ?

  साक्षी मलिक 

Apna Samaaj

Our mission at Apna Samaaj is to connect underprivileged communities in India with the resources and opportunities they need to thrive. We aim to create a comprehensive platform that provides access to welfare schemes from government bodies and NGOs, as well as private organizations, helping to bridge the gap between those in need and those who can provide support. Through our efforts, we strive to empower individuals and communities, drive economic growth, and make a positive impact on society.